सीएसआईआर - केन्द्रीय खाद्य प्रौद्योगिक अनुसंधान संस्थान
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सीएसआईआर-सीएफटीआरआई के विषय में

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्‍ली  के अधीन खाद्य विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी को समर्पित सीएसआईआर-सीएफटीआरआई अनुसंधान एवं विकास का सबसे बड़ा संस्‍थान है। 1950 में स्‍थापित यह संस्‍थान संयुक्‍त राष्‍ट्र विश्‍वविद्यालय, टोकियो से संबद्ध है। इस संस्‍थान का केंद्र बिंदु एसएमई को किफायती प्रौद्योगिकी प्रदान करने, कृषि से संबंधित नए संसाधनों का उपयोग करने तथा खाद्य सुरक्षा एवं खाद्य संसाधन के लिए मूल्‍य संवर्धन सुनिश्चित करने और खाद्य सुरक्षा के अंतर्गत संपूर्ण जन समुदाय को स्‍वास्‍थ्‍य एवं पोषण प्रदान करने की ओर रहा है।

आजकल संस्‍थान का केंद्र बिंदु किसानों तथा उत्‍पादकों और अंतत: संपूर्ण समाज के लिए अधिकतम लाभकारी प्रौद्योगिकियों को विकसित करना है। पारंपरिक होने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल प्रौद्योगिकियों तथा कृषि के विशिष्‍ट क्षेत्रों के लिए मूल्‍य संवर्धन के साथ ग्रामीण अर्द्ध शहरी और शहरी बाज़ारों में संसाधित खाद्य की मांग के कारण तेज़ी से फैल रहे खाद्य उद्योग में बढ़ते पूंजी निवेश के साथ देश का वर्तमान परिदृश्‍य बहुत ही उत्‍साहवर्धक है।

विश्‍व खाद्य प्रौद्योगिकी के लिए आज सीएसआईआर-सीएफटीआरआई वन स्‍टॉप सेंटर के रूप में एक अनोखा गंतव्‍य है। और संस्‍थान को एनएबीएल प्रत्‍यायित, आईएसओ 9001:2008 तथा आईएसओ 14001:2004 प्राप्‍त  होने पर अपने पर गर्व है। 

अनुसंधान के क्षेत्र:

अनुसंधान एवं विकास के अंतर्गत चल रहे प्रमुख कार्यक्रम खाद्य जैव प्रौद्योगिकी, प्रोटीन रासायन, न्‍यूट्रास्‍यूटिकल तथा फंक्‍शनल खाद्य, प्री एंड प्रोबायोटिक्‍स, पारंपरिक खाद्य, खाद्य सुरक्षा, वैश्‍लेषणिक जांच, खाद्य सूक्ष्‍मजैविकी, बायोसेंसर, खाद्य अभियांत्रिकी, खाद्य विनियमन, अनाज प्रसंस्‍करण, सेंके हुए उत्‍पाद, मांस प्रसंस्‍करण, फल एवं तरकारी प्रसंस्‍करण, खाद्य संकुलन, खाद्य परिरक्षण, आणविक पोषण, वनस्‍पति एवं समुद्री स्रोतों से प्राप्‍त जैव सक्रिय अणु, लिपिडोमिक्‍स, खाद्य में मिलाने वाले योज्‍य, मसाले एवं गंध स्‍वाद पर केंद्रित है।      

संस्‍थान के अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रम :

  • अनाज वाले उत्‍पाद एवं मिष्‍टान्‍न
  • मांस, मछली एवं कुक्‍कुट प्रौद्योगिकी
  • खाने के लिए तैयार खाद्य
  • वनस्‍पति स्रोतों से प्राप्‍त जैव सक्रिय अणु 
  • खाद्य सामग्री, योगज एवं फ्लेवर
  • पारंपरिक खाद्य प्रसंस्‍करणों का स्‍वचलन
  • फलों के शेल्‍फ-स्‍थायित्‍व को बढाने के लिए आणविक एवं अनुवांशिक स्‍तर पर अंतराक्षेप   
  • अनाज, मसाले व जड़ीबूटियों की कटाई के बाद होने वाले क्षति को कम करना        
  • चावल, गेहूं तथा आभासी अनाज, फलियों एवं समुद्री शैवाल के लिए मूल्‍य संवर्धन          
  • पर्यावरण हितैषी प्रौद्योगिकियां
  • एनज़ाइम एवं माइक्रोबायल टेक्‍नॉलॉजी 
  • खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्‍ता के लिए वैश्‍लेषणिक विधियां
  • जैव प्रक्रिया अभियांत्रिकी एवं बायोसेंसर
  • खाद्य संरक्षण, संचयन एवं संकुलन
  • खाद्य प्रसंस्‍करण के क्षेत्र में मानव संसाधन विकास
  • उद्योगों तथा उद्यमकर्ताओं के विकास हेतु प्रौद्योगिकी हस्‍तांतरण